Quick Highlights
- महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और NCP नेता अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया।
- हादसा बारामती (पुणे) इलाके में हुआ जब विमान लैंडिंग का प्रयास कर रहा था।
- विमान में सवार पांचों लोग — पवार, दो सुरक्षा अधिकारी और दो क्रू मेंबर्स — कोई भी बच नहीं सका।
- महाराष्ट्र में तीन दिन का शोक घोषित कर दिया गया है।
360 विश्लेषण
आज सुबह महाराष्ट्र की राजनीति में एक बेहद दुखद और ऐतिहासिक घटना घटित हुई जब राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित अनंतराव पवार का चार्टर्ड विमान क्रैश हो गया। यह हादसा पुणे ज़िले के बारामती एयरपोर्ट के पास लैंडिंग का प्रयास करते समय हुआ, और दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि विमान आग के गोले में बदल गया।
पवार 66 वर्ष के थे और लंबे समय तक महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली और अनुभवी नेता के रूप में पहचाने जाते थे। वे एनसीपी (Nationalist Congress Party) के वरिष्ठ नेता थे और डिप्टी सीएम के साथ-साथ वित्त मंत्री भी रहे हैं — जिनका नाम हमेशा राजकीय बजट और योजनाओं की परिकल्पना के लिए जुड़ा रहा।
विमान में कुल 5 लोग सवार थे — अजित पवार, दो सुरक्षा अधिकारी (PSO और अटेंडेंट) और दो क्रू मेंबर्स (पायलट और को-पायलट) — जिनमें से किसी को भी इस भयानक भीषण दुर्घटना के बाद बचाया नहीं जा सका।
घटना के तुरंत बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीन दिन के राज्य शोक की घोषणा की। उन्होंने पवार को एक व्यक्तिगत मित्र और वरिष्ठ सहकर्मी बताया और कहा कि यह राज्य के लिए एक कठिन क्षण है। अन्य नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और राष्ट्रीय हस्तियों ने भी ट्वीट और बयान जारी कर भगवान से परिवार को शक्ति देने की प्रार्थना की।
दुर्घटना के कारणों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। विमान Learjet 45XR (VT-SSK), जिसे निजी कंपनी VSR Aviation द्वारा संचालित किया जा रहा था, बारामती एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग के दौरान रनवे से हटकर क्रैश-लैंड हो गया और तुरंत ही आग पकड़ ली। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच एजेंसी AAIB तुरंत जांच में जुट गई है।
अजित पवार बारामती के साथ दशकों से जुड़े रहे — उन्होंने इसे अपने राजनीतिक करियर की आधारशिला माना। उनके निधन से न केवल एनसीपी बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में भी भारी शून्य महसूस किया जा रहा है, क्योंकि पवार की उपस्थिति और अनुभव कई दलों में सम्मानित थी।
निष्कर्ष
इस विमान हादसे ने महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजनीति का एक बड़ा अध्याय अचानक समाप्त कर दिया है। अजित पवार के निधन से राज्य में शोक, आश्चर्य और कई राजनीतिक चर्चाएँ उत्पन्न हो चुकी हैं। जांच जारी है, लेकिन आज का दिन महाराष्ट्र के लिए एक ऐसा दिन बन गया है जिसे लंबे समय तक स्मरण किया जाएगा।

