🔹 Quick Highlights

  • फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के जरिए 46 लाख रुपये की ठगी
  • आरोपी इंदौर से गिरफ्तार, पुलिस ने कोर्ट में पेश किया
  • WhatsApp ग्रुप के जरिए निवेश का लालच दिया गया
  • मुनाफा निकालने के नाम पर 18% कमीशन मांगा गया
  • कई बैंक खातों के जरिए पैसों का लेन-देन सामने आया

🧐 360 विश्लेषण

ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक को फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए लोगों से करीब 46 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में इंदौर से गिरफ्तार किया गया है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब शिकायतकर्ता को एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में शेयर मार्केट और ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए जल्दी मुनाफा कमाने के दावे किए जा रहे थे। ग्रुप में मौजूद लोग खुद को निवेश विशेषज्ञ बताते थे और एक खास ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया गया।

शुरुआत में निवेश करने पर ऐप में कुछ मुनाफा दिखाया गया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ गया। इसके बाद पीड़ितों से लगातार ज्यादा रकम निवेश करने को कहा गया। जब शिकायतकर्ता ने अपनी रकम और मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो ऐप के एडमिन ने 18 प्रतिशत कमीशन जमा करने की शर्त रख दी।

कमीशन की रकम देने के बाद भी जब पैसे वापस नहीं मिले, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई। जांच के दौरान सामने आया कि अलग-अलग खातों के जरिए बड़ी रकम आरोपी तक पहुंचाई गई थी।

तकनीकी जांच और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे इंदौर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी ने एक फर्म के नाम पर बैंक खाता खुलवाया था, जिसके जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर किया गया।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसी तरह से अन्य लोगों को भी ठगा गया है।


⚠️ निष्कर्ष

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप और WhatsApp निवेश ग्रुप कितने खतरनाक हो सकते हैं। बिना सत्यापन के किसी भी ऐप या स्कीम में पैसा लगाना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। ज्यादा मुनाफे के लालच में लिया गया एक गलत फैसला आपकी पूरी कमाई डुबो सकता है।

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