🟠 Quick Highlights

  • अयोध्या राम मंदिर के शिखर पर 44 फिट लंबा ध्वज दंड लगाया गया है।
  • ध्वज पैराशूट फैब्रिक से तैयार किया गया है, जो हवा और बारिश दोनों में टिकाऊ रहेगा
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे
  • विशेष वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा विधि के बीच ध्वज फहराया जाएगा
  • यह ध्वज राष्ट्र और सनातन संस्कृति की आस्था का प्रतीक माना जा रहा है

✨ विस्तृत जानकारी

अयोध्या में एक बार फिर ऐतिहासिक पल देखने को मिलेगा। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ऊंचा भगवा ध्वज फहराया जाएगा, जो विशेष पैराशूट फैब्रिक से तैयार किया गया है। बताया जा रहा है कि यह ध्वज वर्षा, तूफान और तेज़ हवाओं में भी टिके रहने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे यह आने वाले वर्षों तक मंदिर की शान बढ़ाएगा।

राम मंदिर के शिखर की ऊंचाई सतह से 161 फिट है। इस पर 44 फिट लंबा ध्वज दंड लगाया गया है। इस तरह शिखर की कुल ऊंचाई 205 फिट हो गई है। ध्वज की लम्बाई 22 फीट तय की गयी है

इस भव्य आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मंदिर ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के आगमन के समय पूरे अयोध्या में विशेष सजावट की जा रही है। मंदिर परिसर में फूलों की सजावट, वैदिक मंत्रोच्चार और 108 ब्राह्मणों द्वारा हवन और पूजा का आयोजन किया जाएगा।

ध्वज फहराने का यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और आस्था का प्रतीक भी होगा। ट्रस्ट के अध्यक्ष ने बताया कि यह ध्वज विशेष रूप से ‘सनातन धरोहर’ को दर्शाने के लिए बनाया गया है। इसका आकार और ऊंचाई इस बात का संदेश देती है कि रामलला की महिमा अब आसमान तक पहुंचेगी।

विशेष बात यह है कि इस ध्वज को फहराने के लिए हेलीकॉप्टर क्रेन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि इसे मंदिर के सबसे ऊंचे शिखर पर सुरक्षित तरीके से लगाया जा सके। कार्यक्रम में देशभर से साधु-संत, धार्मिक संगठन, और हज़ारों भक्त मौजूद रहेंगे।

ध्वज पर ‘ॐ श्री रामाय नमः’ और भगवा रंग का संयोजन इसे धार्मिक आस्था के साथ-साथ राष्ट्र की भावना से भी जोड़ता है। आयोजन की तैयारी में स्थानीय प्रशासन, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं।

अयोध्या में इस समारोह को लेकर जनउत्सव जैसा माहौल है। सड़कों पर राम धुन, झंडों से सजे घर और जय श्रीराम के नारों से पूरा शहर गूंज उठा है।

ध्वजारोहण समारोह के अगले दिन से राम मंदिर के साथ पूरे परिसर में घूम सकेंगे श्रद्धालु


श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पदेन सदस्य व भवन-निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र का कहना है कि आम श्रद्धालुओं को ध्वजारोहण समारोह के अगले दिन से रामलला के दर्शन के साथ परकोटे के सभी छह मंदिरों, शेषावतार व सप्त मंडपम सहित कुबेर नवरत्न टीला में भी दर्शन सुलभ कराया जाएगा। बताया गया कि पूरे परिसर में घूमने के लिए एक दिन की संख्या निर्धारित की जा रही है। निर्धारित संख्या के मुताबिक अलग-अलग समय के लिए पास निर्गत किया जाएगा। समिति चेयरमैन मिश्र का कहना है कि हमारी प्राथमिकता यह है कि मंदिर में जो भी निर्माण हुआ है, श्रद्धालु सुगमता से उसको देख सकें।


🔱 निष्कर्ष

अयोध्या राम मंदिर पर लगने वाला यह भगवा ध्वज न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा, बल्कि यह नए भारत के आध्यात्मिक उत्थान की निशानी भी रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी इस कार्यक्रम को और भी ऐतिहासिक बना देगी। आने वाले समय में यह दृश्य हर श्रद्धालु के लिए गर्व और आस्था का प्रतीक होगा।

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