🔴 Quick Highlights
- इंदौर के एबी रोड पर अब सेंट्रल डिवाइडर का निर्माण काम शुरू हो गया है।
- नगर निगम ने डिवाइडर निर्माण के दो पैकेज ठेकेदारों को दिए और काम का भूमिपूजन भी किया गया।
- मिट्टी परीक्षण (soil testing) जारी है और 15 फ़रवरी से नींव का काम शुरू होगा।
- यह कार्य एबी रोड के निरंजनपुर से राजीव गांधी चौराहा तक के हिस्से में होगा।
- एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की तैयारी भी PWD द्वारा जारी है।
🧠 360 विश्लेषण
इंदौर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक एबी रोड (AB Road) पर अब लंबे समय से चर्चा में रहे इंफ्रा प्रोजेक्ट्स की जमीन पर काम दिखाई देने लगा है। नगर निगम ने सेंट्रल डिवाइडर का निर्माण शुरू कर दिया है, जो पहले केवल योजनाओं में था और कुछ समय तक बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने की देरी के कारण पीछे चला गया था।
डिवाइडर के निर्माण के लिए भूमि-पूजन के बाद दो पैकेजों में काम बांटा गया है और ठेकेदारों ने साइट पर डिवाइडर निर्माण शुरू कर दिया है। फिलहाल मिट्टी परीक्षण (soil testing) जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि डिवाइडर की नींव मजबूत और सुरक्षित बने। इस परीक्षण के बाद 15 फ़रवरी से फाउंडेशन का काम शुरू होने की योजना है।
इस डिवाइडर का काम विशेष रूप से निरंजनपुर से लेकर राजीव गांधी चौराहा के हिस्से तक होगा जिस पर ट्रैफिक की भीषण भीड़ रहती है और जनगणना के मुताबिक यह रूट peak-hours में घंटों जाम रहता है।
डिवाइडर के साथ ही एबी रोड की बेहतर सड़कीय सुविधा और ट्रैफिक मैनेजमेंट की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी (PWD) द्वारा एलिवेटेड कॉरिडोर — जो नवलखा तक जाने वाला बड़ा प्रोजेक्ट है — की भी तैयारी चल रही है।
हालांकि निर्माण स्थलों पर ट्रैफिक को साइड सर्विस रोड के माध्यम से डायवर्ट करना पड़ा है, जिससे कुछ जगहों पर जाम की समस्या बनी हुई है। लेकिन यह अस्थायी बदलाव पूर्ण काम के दौरान यात्रियों के लिए बड़ा सुधार लाने वाला है।
इसके अलावा पिछले महीनों से यह परियोजना चर्चा में थी कि सेंट्रल डिवाइडर AB Road पर स्थापित किया जाएगा, खासकर BRTS कॉरिडोर हटाने के बाद, ताकि रोड की चौड़ाई और गति दोनों बेहतर हो सकें।
⚖️ निष्कर्ष
एबी रोड पर सेंट्रल डिवाइडर निर्माण और soil testing की शुरुआत यह संकेत देती है कि इंदौर प्रशासन ट्रैफिक जाम और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए अब ठोस कदम उठा रहा है।
यह छोटा-सा निर्माण अब बड़े परिवहन बदलाव का पहला चरण है — आगे एलिवेटेड कॉरिडोर और अन्य रोडवर्क भी ट्रैफिक राहत के बड़े प्रोजेक्ट्स बनकर उभरेंगे।

