🔹 Quick Highlights

  • इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में ₹12.64 लाख की मिलावटी मिठाइयाँ, मावा और घी जब्त
  • दो बसों में गुजरात और ग्वालियर से लाया जा रहा था नकली माल
  • 11 नमूने जांच के लिए भोपाल लैब भेजे गए
  • त्योहार से पहले सख्ती बढ़ी, फूड सेफ्टी टीम ने निगरानी तेज की

📰 पूरी खबर

इंदौर में त्योहारी सीजन के ठीक पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मिलावटी मावा, मिठाइयाँ और घी जब्त किए हैं। जब्त किए गए खाद्य पदार्थों की कुल कीमत करीब ₹12.64 लाख बताई जा रही है। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई दिवाली के पहले “मिलावट मुक्त अभियान” के तहत की गई, ताकि बाजार में जहरीली या खराब क्वालिटी की चीजें न पहुँचें।

जानकारी के मुताबिक, टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि इंदौर में बाहर से बड़ी मात्रा में मिलावटी मावा और मिठाइयाँ लाई जा रही हैं। इस सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दो बसों को रोका—एक ग्वालियर से आ रही थी और दूसरी अहमदाबाद से। जब जांच की गई तो बसों में भरे हुए बॉक्स देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

पहली बस से लगभग 638 किलोग्राम मावा और 1800 किलोग्राम मिठाइयाँ मिलीं, जबकि दूसरी बस से 68 बॉक्स घी के बरामद किए गए। मौके पर मौजूद अफसरों ने बताया कि इन उत्पादों को बिना किसी वैध लेबल या ब्रांडिंग के शहर के विभिन्न थोक बाजारों में सप्लाई किया जाना था।

दिवाली पर मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण मिलावटखोर हर साल सक्रिय हो जाते हैं। प्रशासन ने बताया कि इन उत्पादों में सिंथेटिक रंग और सस्ता फैट ऑयल मिलाने की आशंका है, जो सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे माल को सील किया और 11 नमूने लेकर भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया,

“त्योहारी सीजन में हम हर जिले में लगातार जांच कर रहे हैं। जो भी व्यापारी या फैक्ट्री मालिक मिलावट में लिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।”

इस कार्रवाई के बाद शहर के मिठाई बाजारों में हलचल मच गई है। कई दुकानदारों ने खुद अपने स्टॉक की जांच करवाई और ग्राहकों को भरोसा दिलाने के लिए ‘शुद्ध मिठाई’ के बोर्ड लगाए। वहीं, प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यापारी बिना टेस्टिंग सर्टिफिकेट के उत्पाद बेचते पकड़े गए, उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।

इंदौर में पिछले कुछ वर्षों में त्योहारों से पहले मिलावट के कई मामले सामने आए हैं। पिछले साल भी प्रशासन ने करीब ₹9 लाख की नकली मिठाइयाँ और दूध उत्पाद जब्त किए थे। इस बार अभियान को और सख्ती से चलाया जा रहा है, जिसमें फूड सेफ्टी विभाग, पुलिस और लोक स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार छापे मार रही हैं।

इंदौर कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे भी जागरूक रहें और किसी संदिग्ध मिठाई या खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत फूड हेल्पलाइन 104 या स्थानीय खाद्य निरीक्षक कार्यालय को दें।


🔹 निष्कर्ष

त्योहारों के समय मिठाइयों का स्वाद हर किसी को लुभाता है, लेकिन अब ज़रूरत है सावधानी और जागरूकता की। इंदौर प्रशासन की यह कार्रवाई दिखाती है कि मिलावटखोरों पर अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। जनता से भी अपेक्षा है कि वे सस्ती चीज़ों के चक्कर में अपनी सेहत से खिलवाड़ न करें। दिवाली की मिठास तभी असली है जब उसमें “शुद्धता” हो, “मिलावट” नहीं।

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