इंदौर। गुलशन के साथ बाइक पर पीछे बैठे अरुण, विशाल और कृष्णा ने भी उस डोर को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे भी घायल हो गए। हालांकि सबसे गंभीर चोट गुलशन को लगी। ज्यादा खून बहने की वजह से वह अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ बैठा।
गुलशन मूल रूप से ठीकरी अशोक नगर का रहने वाला था। उसके पिता रामकिशन मजदूरी करते हैं। परिवार में माता और भाई अरुण शामिल हैं। 8वीं कक्षा में पढ़ने वाला गुलशन पढ़ाई के साथ परिवार की मदद के लिए छोटे-मोटे काम भी किया करता था।
25 नवंबर को लगा था चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने 25 नवंबर को शहर में चाइनीज मांझे के उपयोग पर रोक लगा दी थी। उनका कहना था कि इस तरह के मांझे से गंभीर दुर्घटनाएं होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे लोगों के कटने और घायल होने की कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। साथ ही यह पशुओं और पक्षियों के लिए भी बड़ा खतरा है।
इन्हीं कारणों को देखते हुए चाइनीज मांझे की बिक्री और भंडारण दोनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

