🔴 Quick Highlights

  • इंदौर में कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन के बाहर हिंसक झड़प
  • पथराव के मामले में 20 कांग्रेस नेताओं पर FIR
  • शहर कांग्रेस अध्यक्ष सहित कई बड़े नाम शामिल
  • दोनों पक्षों के 15 से ज्यादा लोग घायल

🧠 360 विश्लेषण

इंदौर में कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन के बाहर हुए प्रदर्शन ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जब भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। स्थिति इतनी बिगड़ी कि दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी, पानी की बोतलें और टमाटर तक फेंके गए। इस मामले में पुलिस ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित 20 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है।

बताया जा रहा है कि भाजपा कार्यकर्ता गांधी भवन का घेराव करने पहुंचे थे, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। घटना में भाजपा की एक महिला नेता के चेहरे पर चोट आई, जबकि कांग्रेस के भी कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की खबर है। कुल मिलाकर 15 से अधिक लोग इस झड़प में घायल हुए बताए जा रहे हैं।

इस मामले में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि पुलिस के संरक्षण में भाजपा कार्यकर्ता पत्थरबाजी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं रोका। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यालय के बाहर भाजपा को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भी घायल होने का दावा करते हुए उन्होंने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में भाजपा कार्यकर्ता पत्थरबाजी कर रहे थे और उन्हें रोका नहीं गया, जबकि भाजपा का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ता पहले से पत्थर और टमाटर जमा कर के बैठे थे।

यह झड़प उस समय हुई जब दिल्ली में आयोजित एआई समिट के विरोध को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ था, जिसके चलते दोनों दलों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।


⚖️ निष्कर्ष

इंदौर की यह घटना दिखाती है कि राजनीतिक विरोध जब सड़क पर उतरता है, तो हालात कितनी तेजी से नियंत्रण से बाहर जा सकते हैं।
👉 अब मामला कानून के हाथ में है
👉 पुलिस जांच के बाद ही तय होगा कि जिम्मेदारी किसकी थी

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