नगर निगम द्वारा लक्ष्मी मेमोरियल से लेकर अटल द्वार तक सड़क चौड़ीकरण के काम को लेकर दो दिन पहले नेहरू नगर क्षेत्र में मकानों और दुकानों पर नपती कर निशान लगाए गए थे। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों में आक्रोश फैल गया। रहवासियों का आरोप था कि नपती गलत की गई है और कई जगहों पर बिना वजह निशान लगा दिए गए हैं।
आज इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में नेहरू नगर के रहवासी क्षेत्रीय पार्षद और विधायक के साथ महापौर के निवास पहुंचे और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि यदि माप-तौल में कोई त्रुटि पाई जाती है तो दोबारा नपती कराई जाएगी और किसी भी व्यक्ति को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
बताया गया कि लक्ष्मी मेमोरियल से अटल द्वार तक सड़क मास्टर प्लान के अनुसार बनाई जानी है। पहले भी निगम की टीम ने नपती की थी, लेकिन जब दोबारा सर्वे करने पहुंची तो कई मकानों पर बने निशानों को लेकर लोग विरोध में उतर आए। मामला पिछले दो दिनों से चर्चा में बना हुआ है। आज सुबह फिर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग महापौर बंगले पहुंचे, जहां विधायक महेंद्र हार्डिया, पार्षद लालबहादुर वर्मा और पूर्व पार्षद चंदू शिंदे सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान रहवासी भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों ने बैंक से लोन लेकर अपने घर बनाए हैं और किस्तें अब तक चल रही हैं। ऐसे में अगर मकान टूटे तो वे सड़कों पर आ जाएंगे। महापौर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि किसी भी नागरिक का नुकसान नहीं होगा और आवश्यकता पड़ी तो पुनः नपती कराई जाएगी।

