Quick Highlights
- भारत के 77वें गणतंत्र दिवस परेड में कर्तव्य पथ पर ‘Suryastra’ रॉकेट लॉन्चर सिस्टम और Bhairav Light Commando Battalion पहली बार प्रदर्शित किए गए।
- यह परेड नए सैन्य और तकनीकी सक्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए तेज़ी से बदलते भारतीय रक्षा परिदृश्य को दर्शाती है।
- लगभग 6,000 रक्षाकर्मी, विविध रक्षा उपकरण और 29 विमानों की फ्लाईपास्ट इस आयोजन को और भव्य बनाते हैं।
🧠 360 विश्लेषण
26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस परेड ने न केवल भारत के संविधानिक गौरव का जश्न मनाया, बल्कि देश की उभरती डिफेंस क्षमताओं और आत्मनिर्भर रक्षा नवाचार का भी बेहतरीन प्रदर्शन किया।
इस साल की परेड में कुछ खास पहलुओं ने सभी का ध्यान खींचा, जिसमें सबसे उल्लेखनीय है देश के स्वदेशी विकसित रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ‘Suryastra’ का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन। यह प्रणाली 300 किलोमीटर तक सतह-से-सतह डिफ़ॉल्ट हमले करने में सक्षम है और इसे भारत की आत्मनिर्भर तकनीक के रूप में विकसित किया गया है, जो आधुनिक युद्ध परिदृश्यों में एक नई ताकत जोड़ता है।
साथ ही, Bhairav Light Commando Battalion का परेड में पहला सार्वजनिक प्रदर्शन हुआ — यह बटालियन अक्टूबर 2025 में गठित की गई थी और इसका उद्देश्य पारंपरिक पैदल सेना और विशेष बलों के बीच की क्षमताओं के अंतर को पाटना है। यह कड़ी-कड़ी चुनौतियों में बेहद फुर्तिल तथा लचीली टेक्टिकल यूनिट का परिचय देती है।
परेड में सिर्फ़ नई इकाइयों का प्रदर्शन ही नहीं था, बल्कि भारत की लड़ाकू और सैन्य ताकत का एक सम्पूर्ण चित्र देखने को मिला। इसमें ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल सिस्टम जैसी उन्नत हथियार प्रणाली, ATAGS और धनुष तोपें, साथ ही 29 विमानों की भव्य फ्लाईपास्ट भी शामिल थी — जिसमें राफेल, सु-30, अपाचे हेलीकॉप्टर जैसी विभिन्न लड़ाकू विमान शामिल हैं।
लगभग 6,000 रक्षाकर्मियों ने परेड में हिस्सा लिया, जिससे यह आयोजन न केवल भारत की सैन्य ताकत का प्रदर्शन रहा बल्कि देशभक्ति, एकता और आधुनिकता के संदेश को भी प्रगट किया।
इस साल का गणतंत्र दिवस समारोह ‘150 वर्ष वंदे मातरम’ के थीम के तहत मनाया गया, जो भारत की आज़ादी के संघर्ष, सांस्कृतिक विविधता और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं को जोड़ता है।
📌 निष्कर्ष
77वां Republic Day Parade परेड सिर्फ़ परंपरा और शो का नाम नहीं रहा — यह इस बात का जीवंत चित्र भी रहा कि कैसे भारत ने अपने रक्षा उत्पादन, तकनीकी नवाचार और सैन्य तैयारी के दम पर खुद को मजबूत किया है। Suryastra और Bhairav Battalion जैसे नए तत्वों का शामिल होना यह संकेत देता है कि भारतीय रक्षा नीतियाँ अब अधिक गतिशील, लचीली और उन्नत युद्ध-परिस्थितियों के अनुकूल हैं।

