🔹 Quick Highlights
- रूस ने दावा किया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास के पास 91 ड्रोन गिराए गए
- यूक्रेन ने आरोपों को सिरे से नकारा, कहा – यह पूरी तरह झूठा दावा
- घटना ऐसे समय पर सामने आई जब रूस-यूक्रेन शांति समझौते की बातचीत अंतिम दौर में थी
- डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों पक्षों से बातचीत कर हालात संभालने की कोशिश की
- ड्रोन हमले के दावे से शांति समझौते की प्रक्रिया पर असमंजस की स्थिति
🔍 360 विश्लेषण
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर चल रही शांति वार्ता उस वक्त नए विवाद में फंस गई, जब रूस ने बड़ा दावा किया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास के आसपास यूक्रेन की ओर से ड्रोन हमला किया गया। रूस का कहना है कि कुल 91 ड्रोन को उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया और किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।
रूसी प्रशासन ने इस घटना को गंभीर उकसावे की कार्रवाई बताते हुए कहा कि इससे शांति समझौते की दिशा पर असर पड़ सकता है। रूस की ओर से यह भी संकेत दिए गए कि ऐसे हालात में शांति वार्ता की रणनीति पर दोबारा विचार किया जा सकता है।
वहीं दूसरी तरफ, यूक्रेन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने साफ शब्दों में कहा कि रूस की ओर से लगाए गए ये आरोप बेबुनियाद हैं और इन्हें सिर्फ शांति वार्ता से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। यूक्रेन का कहना है कि इस तरह के दावे पहले भी किए जाते रहे हैं ताकि सैन्य कार्रवाई को सही ठहराया जा सके।
इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी एंट्री हुई। ट्रंप, जो हाल के दिनों में रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्होंने दोनों पक्षों से संपर्क किया। ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि अगर ड्रोन हमला हुआ है तो यह शांति प्रयासों के लिए बेहद नुकसानदायक है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी माना कि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो जिस समय यह ड्रोन विवाद सामने आया, उस समय शांति समझौते को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह घटना वाकई एक हमला थी या फिर कूटनीतिक दबाव बनाने की रणनीति।
फिलहाल ज़मीनी सच्चाई यह है कि किसी भी पक्ष की बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन इतना साफ है कि इस ड्रोन विवाद ने रूस-यूक्रेन शांति प्रक्रिया को अस्थायी रूप से कमजोर कर दिया है और आने वाले दिनों में बातचीत की दिशा इस पर निर्भर करेगी कि हालात कैसे स्पष्ट होते हैं।
🧾 निष्कर्ष
ड्रोन हमले के दावे और उस पर हुए इनकार ने एक बार फिर दिखा दिया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध सिर्फ मैदान में ही नहीं, बल्कि बयानबाज़ी और कूटनीति के स्तर पर भी लड़ा जा रहा है। शांति समझौता अभी मुमकिन है, लेकिन भरोसे की डोर बेहद कमजोर नज़र आ रही है।

