📰 Quick Highlights

🔹 संसद के शीतकालीन सत्र में VB– G RAM G Bill पर तीव्र बहस हुई।
🔹 यह बिल मनरेगा (MGNREGA) को बदलने के लिए पेश किया गया है।
🔹 विपक्ष ने कहा कि नाम बदलना महात्मा गांधी की विरासत को कमतर करना है और यह गरीबों व किसानों के खिलाफ है।
🔹 सरकारी पक्ष का दावा है कि बिल से ग्रामीण रोजगार 125 दिनों तक गारंटी मिलेगी।
🔹 बहस में हंगामा, वेल में विरोध और संसदीय तस्वीरें सामने आईं।


🧠 360 विश्लेषण

🏛️ क्या है VB–G RAM G Bill, 2025?

VB– G RAM G Bill का पूरा नाम Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Bill, 2025 है। यह बिल 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को हटाकर नया ढांचा लाने का प्रयास करता है।

सरकार के अनुसार, बिल का लक्ष्य ग्रामीण रोजगार के साथ-साथ आजीविका को भी मजबूत करना है। नई योजना में मजदूरों को साल में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी देने का प्रस्ताव है — मौजूदा मनरेगा के 100 दिनों की तुलना में यह अधिक अवधि है।

🧾 सत्ता पक्ष की दलील

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसदीय बहस में कहा कि बिल मनरेगा का “आधुनिक विकल्प” है और यह ग्रामीण विकास की व्यापक जरूरतों जैसे जल, बुनियादी ढांचे और आजीविका को जोड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि गांधी का नाम इस कार्यक्रम के मूल उद्देश्य से गायब नहीं हुआ है।

सरकार ने यह भी बताया कि नए कानून के तहत कामों के लिए तीव्र भुगतान व्यवस्था, नियोजित परियोजना योजना और तकनीकी निगरानी जैसे प्रावधान जोड़े जाएंगे — ताकि रिवाइज्ड स्कीम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तेजी से सशक्त कर सके।

🚩 विरोधी पक्ष की नाराजगी

विपक्षी दल, खासकर कांग्रेस, ने बिल का ज़ोरदार विरोध किया। उनका कहना है कि महात्मा गांधी के नाम को हटाना ना सिर्फ ऐतिहासिक विरासत का अपमान है, बल्कि इससे गरीबों और ग्रामीण कामगारों के अधिकार कमजोर होंगे।

कांग्रेस सांसदों ने हंगामा किया, गांधी की तस्वीरें संसद लाई और विधेयक को स्टैंडिंग कमेटी भेजने की मांग की। वे इसे सिर्फ नामभेद का मुद्दा नहीं, बल्कि आत्मा पर हमला मानते हैं क्योंकि मनरेगा का उद्देश्य जमीनी स्तर पर अधिकार आधारित रोजगार सुनिश्चित करना था।

विशेषज्ञों के अनुसार, बिल के साथ केंद्रीय और राज्य के बीच वित्तीय हिस्सेदारी बदलने, डिमांड-ड्रिवन से नॉर्मेटिव अलोकेशन प्रणाली की ओर जाने और ग्राम पंचायतों की भूमिका में बदलाव जैसे संरचनात्मक परिवर्तन हैं, जिनपर बहस जारी है।

🤝 राजनीति और सामाजिक प्रतिक्रिया

संसद के बाहर भी विरोध और समर्थन दोनों जारी हैं — कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर प्रदर्शन किए हैं और कई सामाजिक समूह भी विरोध का बिगुल बजा रहे हैं। वहीं कुछ राज्यों की पार्टियाँ बढ़ती काम की दिनों को सकारात्मक बता रही हैं, भले ही नाम को लेकर मतभेद हो।


🧾 निष्कर्ष

VB–G RAM G Bill, 2025 भारत की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना को नया रूप देने वाला प्रस्ताव है — लेकिन नाम बदलने और संरचनात्मक बदलावों ने इसे राजनीतिक और सामाजिक रूप से बेहद विवादित बना दिया है। सरकार इसे ग्रामीण आजीविका और रोजगार को अपडेट करने वाला कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे गरीबों और गांधी की विरासत के खिलाफ कुचलने वाला कदम मान रहा है।


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