🟠 Quick Highlights
- देश में नए Rent Rules 2025 लागू
- डिजिटल स्टाम्प और 60 दिनों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
- सिक्योरिटी डिपॉज़िट पर सीमा—अब मनमानी नहीं
- किराया साल में सिर्फ एक बार बढ़ेगा, 90 दिन पहले नोटिस जरूरी
- बिना आदेश के बेदखली नहीं
- किरायेदार की निजता सुरक्षित, बिना अनुमति घर में प्रवेश नहीं
- जबरदस्ती बेदखली, धमकी या बिजली-पानी काटना अब अपराध
देश में किरायेदारों और मकान मालिकों के लिए बड़े बदलाव, नए Rent Rules 2025 लागू
देश में घर किराए पर लेने से जुड़ी सबसे बड़ी परेशानियों—मनमानी सिक्योरिटी, अचानक किराया बढ़ा देना, बिना रजिस्ट्रेशन का एग्रीमेंट और छोटी-छोटी बातों पर विवाद—को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने Rent Rules 2025 लागू कर दिए हैं। इन नए नियमों का मकसद किरायेदार और मकान मालिक, दोनों के अधिकारों को स्पष्ट करना और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।
डिजिटल स्टाम्प और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
अब रेंट एग्रीमेंट सिर्फ डिजिटल स्टाम्प (E-Stamp) पर ही मान्य माना जाएगा। इसके साथ ही, दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर होने के 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।
पहले कई राज्यों में लोग बिना रजिस्ट्रेशन वाले साधारण स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट बना लेते थे, जिससे विवाद बढ़ते थे। नए नियमों का उल्लंघन होने पर 5,000 रुपये या उससे अधिक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
सिक्योरिटी डिपॉज़िट की सीमा तय
रेंट पर घर लेते वक्त सबसे बड़ी चिंता होती है सिक्योरिटी डिपॉज़िट। कई शहरों में तो 6–12 महीने तक का एडवांस मांग लिया जाता था।
नए नियमों में साफ किया गया है कि—
- आवासीय (Residential) संपत्ति: अधिकतम 2 महीने का किराया
- व्यावसायिक (Commercial) संपत्ति: अधिकतम 6 महीने का किराया
यह कदम सीधे-सीधे किरायेदारों को राहत देता है, खासकर मेट्रो शहरों में जहाँ एडवांस का बोझ बहुत अधिक होता था।
किराया साल में सिर्फ एक बार बढ़ेगा
अब मकान मालिक 12 महीने पूरे होने से पहले किराया नहीं बढ़ा सकते।
इसके अलावा, किराया बढ़ाने से कम से कम 90 दिन पहले लिखित नोटिस देना अनिवार्य है।
इससे किरायेदारों को अचानक किराया वृद्धि से निजात मिलेगी और सालभर की योजना बनाना आसान होगा।
बिना आदेश के बेदखली नहीं
किरायेदारों की सुरक्षा को और मजबूती देते हुए नियमों में स्पष्ट कहा गया है कि—
- किसी भी किरायेदार को Rent Tribunal के आदेश के बिना बेदखल नहीं किया जा सकता।
- बिना आदेश दबाव डालना, धमकाना, ताला लगाना या जबरदस्ती घर खाली करवाना कानूनी अपराध है।
किरायेदार की निजता की सुरक्षा
मकान मालिक अब किरायेदार की अनुमति के बिना घर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
किसी भी निरीक्षण या कार्य के लिए कम से कम 24 घंटे पहले नोटिस देना अनिवार्य होगा।
पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी
हर किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन अब अनिवार्य होगा। यह नियम दोनों पक्षों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि किसी भी आपराधिक गतिविधि या भविष्य के विवादों को रोका जा सके।
मरम्मत में लापरवाही तो किरायेदार कर सकेगा कटौती
अगर घर में कोई जरूरी मरम्मत करनी है और मकान मालिक 30 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं करता, तो किरायेदार स्वयं मरम्मत करा सकता है और उसका खर्च किराये से घटा सकता है, बशर्ते वह प्रमाण प्रस्तुत कर दे।
यह उन स्थितियों में बेहद उपयोगी है, जहाँ छोटी-छोटी मरम्मत पर महीनों विवाद चलते रहते थे।
🔚 निष्कर्ष
नए Rent Rules 2025 किरायेदार और मकान मालिक दोनों के लिए फायदे का सौदा हैं। एक तरफ किरायेदारों को बेवजह की मनमानी से सुरक्षा मिलेगी, तो दूसरी तरफ मकान मालिकों को भी साफ-सुथरी, डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर ये बदलाव देश में रेंट पर रहने की प्रक्रिया को आधुनिक, सुरक्षित और विवाद-मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम कहे जा सकते हैं।

