Quick Highlights

  • उज्जैन के महाकाल क्षेत्र में अवैध कत्लखाने का खुलासा
  • पुलिस ने छापेमारी कर 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार
  • मौके से भारी मात्रा में मांस और हथियार बरामद
  • प्रतिबंधित क्षेत्र में चल रहा था अवैध धंधा
  • पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज

360 विश्लेषण

उज्जैन के महाकाल मंदिर क्षेत्र में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां प्रतिबंध के बावजूद अवैध बूचड़खाना चलाया जा रहा था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद इस पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ।

महाकाल थाना पुलिस ने गोपनीय जांच के बाद एक संदिग्ध मकान पर दबिश दी, जहां चोरी-छिपे पशुओं की हत्या कर मांस बेचने का काम किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया।

छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में मांस, धारदार हथियार, इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा और जीवित पशु भी बरामद हुए। बताया गया कि आरोपियों ने घर के नीचे बने कमरे को ही अवैध कत्लखाने में बदल रखा था।

पुलिस ने अवैध रूप से गोवंश (पाडे) काटने और मांस बेचने के संबंध में पशु क्रूरता अधिनियम 11(1)(घ) और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोपी हाजी मुस्तकीम (निवासी: बम्बईया गली, कोट मोहल्ला) वसीम बम्बईया (निवासी: बम्बईया गली, कोट मोहल्ला) गिरिफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि घटना 12 अप्रेल की है और पुलिस इसमें गोपनीय तरीके से जांच पड़ताल कर रही थी।

गौरतलब है कि महाकाल मंदिर के आसपास मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद आरोपी अवैध तरीके से यह धंधा चला रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।

फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह अवैध कारोबार किस नेटवर्क के तहत संचालित हो रहा था और मांस की सप्लाई कहां की जा रही थी।


निष्कर्ष

महाकाल जैसे धार्मिक क्षेत्र में अवैध बूचड़खाने का खुलासा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे और कौन लोग जुड़े हैं।

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