Quick Highlights

  • इंदौर में CM मोहन यादव ने नर्मदा प्रोजेक्ट फेज-4 का भूमिपूजन किया
  • ₹1356 करोड़ की लागत से बनेगी योजना
  • शहर को मिलेगा करीब 900 MLD तक पानी
  • 2.4 लाख से ज्यादा नए कनेक्शन मिलेंगे
  • 29 से ज्यादा गांवों को भी होगा फायदा

360 विश्लेषण

इंदौर शहर के लिए पानी की समस्या को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दशहरा मैदान में नर्मदा जल प्रदाय योजना के चौथे चरण (फेज-4) का भूमिपूजन किया। यह परियोजना शहर के लिए एक ऐतिहासिक सौगात मानी जा रही है।

इस परियोजना की कुल लागत करीब ₹1356 करोड़ है और इसके पूरा होने के बाद इंदौर को वर्तमान के मुकाबले लगभग दोगुना पानी मिलने लगेगा। अभी शहर को करीब 540 MLD पानी मिल रहा है, जो बढ़कर लगभग 900 MLD तक पहुंच जाएगा।

नर्मदा प्रोजेक्ट के इस चौथे चरण के तहत बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इसमें करीब 1400 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन, नई ग्रेविटी मेन लाइन, सैकड़ों किलोमीटर का वितरण नेटवर्क और 40 से ज्यादा ओवरहेड टंकियों का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही 2.4 लाख से अधिक नए घरेलू जल कनेक्शन भी दिए जाएंगे।

इस योजना का उद्देश्य सिर्फ वर्तमान जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि भविष्य की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए पानी की स्थायी व्यवस्था करना है। अनुमान है कि 2047 तक इंदौर की आबादी 60 लाख से अधिक हो सकती है, जिसे देखते हुए यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।

इसके अलावा, इस परियोजना से आसपास के करीब 29 गांवों को भी लाभ मिलेगा और शहर में 24×7 जल सप्लाई सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


निष्कर्ष

नर्मदा प्रोजेक्ट का चौथा चरण इंदौर के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इससे न सिर्फ पानी की समस्या में राहत मिलेगी, बल्कि आने वाले दशकों के लिए शहर की जरूरतों को भी सुरक्षित किया जा सकेगा।

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