Quick Highlights

  • इंदौर में एक 62-वर्षीय क्लर्क “Digital Arrest Scam” का शिकार बना।
  • फर्जी अधिकारियों ने आधार, बैंक खाता व सिम कार्ड से जुड़े मामलों का डर दिखाकर उससे लगभग ₹ 27.6 लाख ऐंठ लिए।
  • 11 दिन तक वीडियो और कॉल के जरिए लगातार भय दिखाया गया; अंत में जब शिकार ने रकम ट्रांसफर कर दी तो ठगों से संपर्क बंद हो गया।
  • पुलिस ने शिकायत मिलने पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

विस्तृत रिपोर्ट (Detailed Body)

इंदौर में रहने वाले 62 वर्षीय क्लर्क को 20 नवंबर 2025 की शाम को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से दूसरी सिम जारी हुई है और वह दुरुपयोग हो रही है। कॉलर ने शिकायत दर्ज कराने के लिए मुंबई (कोलाबा) पुलिस स्टेशन जाने की धमकी दी।

जब क्लर्क ने गलत होने की बात कही, तो थोड़े समय बाद उसे वॉट्सऐप कॉल आई — कॉलर ने आधार नंबर बता दिया और कहा कि बैंक खाता खुल चुका है और उसमें मनी-लॉन्ड्रिंग का पैसा जमा है। अगले दिन फर्जी CBI अधिकारी से “मीटिंग” कराने को कहा गया, जिसमें यह दावा किया गया कि वह मनी-लांड्रिंग मामले में फंसा है। आरोपियों ने धमकी दी कि यदि वह सहयोग नहीं करेंगे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा — तथा परिवारवालों को कुछ मत बताने को कहा।

डर और मानसिक दवाब के कारण, क्लर्क ने पहले अपनी एक Fixed Deposit तोड़ी और एक लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद म्यूचुअल फंड की रकम निकालकर दी गई बैंक खाते में जमा कराई गई। फिर उनसे घर में रखे सोने की जानकारी मांगी गई, और अंत में उन्होंने परिवार के जेवर और गहने गिरवी रख कर गोल्ड-लोन लेकर धोखेबाज़ों द्वारा बताई गई खाता में ₹ 12.90 लाख जमा कर दिए। कुल मिलाकर करीब ₹ 27.6 लाख उनके खाते से ट्रांसफर हो गए।

11 दिन बाद, जब उन्होंने ठगी का एहसास किया और कॉल वापस करने की कोशिश की — तो नंबर बंद मिले। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी, जिस पर क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


निष्कर्ष

यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि “डिजिटल गिरफ्तारी” नामक धोखाधड़ी — जहां फर्जी अधिकारी बन कर डर व धमकी देकर लोगों की जमा पूँजी हड़पी जाती है — कितनी खतरनाक हो सकती है। आम नागरिक, ख़ासकर वरिष्ठ लोग, भय व डर के कारण आसानी से झूठे दबाव में आ जाते हैं।

ऐसे मामलों से बचने के लिए सतर्क रहना ज़रूरी है — किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल में बैंक-खाता, आधार, फंड्स, निवेश आदि जानकारी तुरंत देने से पहले दो बार सोचना चाहिए।

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