Quick Highlights
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में नए 1,450-बिस्तरों वाले अस्पताल का भूमिपूजन किया।
- परियोजना की कुल लागत लगभग ₹773.07 करोड़ रुपये है और यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
- अस्पताल में निःशुल्क बोन मैरो और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी।
- नई बिल्डिंग में मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, बच्चों के रोग, इमरजेंसी सहित कई विभाग होंगे।
- नर्सिंग हॉस्टल, ऑडिटोरियम, पार्किंग, सोलर पैनल व सीवेज ट्रीटमेंट जैसी सुविधाएँ भी शामिल हैं।
360 विश्लेषण
इंदौर में आज एक बड़ा स्वास्थ्य-अधोसंरचना कदम उठाया गया है, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराजा यशवंतराव (MY) अस्पताल परिसर में नई 1,450-बिस्तरों वाली बिल्डिंग का भूमि-पूजन किया।
यह परियोजना लगभग ₹773.07 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित की जाएगी और तीन वर्ष के भीतर तैयार होने का लक्ष्य है। इसमें मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरो सर्जरी, शिशु रोग, माता-शिशु देखभाल, ENT, नेत्र और इमरजेंसी मेडिसिन सहित मुख्य चिकित्सा विभागों के लिए व्यापक बिस्तर व्यवस्था होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि MY अस्पताल अब केवल इंदौर या मध्य प्रदेश का नहीं, बल्कि आस-पास के सीमावर्ती जिलों और पड़ोसी राज्यों के नागरिकों के लिए भी स्वास्थ्य सेवा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बोन मैरो और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी महँगी सर्जरी अब निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएँगी, ताकि उच्च-स्तरीय चिकित्सा सभी के लिए सुलभ हो सके।
बिल्डिंग के अलावा परियोजना में 550-बिस्तर का नर्सिंग हॉस्टल, 250-सीटर मिनी-ऑडिटोरियम, सार्वजनिक पार्किंग क्षेत्र, सोलर पैनल सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी विकसित किए जाएंगे, जिससे केवल अस्पताल नहीं बल्कि एक संपूर्ण मेडिकल परिसर का निर्माण होगा।
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के समन्वय से यह पहल राज्य में डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य संसाधनों की उपलब्धता को और मजबूत करेगी, और मध्य प्रदेश को स्वास्थ्य-सेवा के क्षेत्र में एक विस्तृत और उन्नत दिशा प्रदान करेगी।
निष्कर्ष
इंदौर में MY अस्पताल की नई इमारत का भूमि-पूजन एक बड़ा कदम है जो स्वास्थ्य-सेवा के मानकीकरण, सर्जिकल टेक्नोलॉजी और निःशुल्क उन्नत चिकित्सा तक पहुँच को बढ़ावा देगा। यह परियोजना न केवल स्थानीय जनता को बेहतर सुविधाएँ देगी, बल्कि राज्य को हेल्थ-टूरिज्म और चिकित्सा-गुणवत्ता के स्तर पर भी उभार सकती है।

