📰 Quick Highlights

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 भारतीय AI स्टार्टअप्स के साथ एक राउंडटेबल बैठक की।
  • उन्होंने कहा कि AI से समाज में बड़ा परिवर्तन संभव है और भारत को “Made in India, Made for the World” AI मॉडल बनाना चाहिए।
  • बैठक India AI Impact Summit 2026 से पहले आयोजित की गई, जिसमें स्टार्टअप्स ने अपने नवाचार और योजनाएँ पेश कीं।

🧠 360 विश्लेषण

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय AI स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को समाज की मुख्य धारा में शामिल करना और उसकी क्षमता को बढ़ावा देना था ताकि विकास, रोजगार और तकनीकी नेतृत्व को मजबूत किया जा सके।

बैठक में शामिल 12 AI स्टार्टअप्स, जो “AI for ALL: Global Impact Challenge” के लिए चुने गए हैं, ने अपनी परियोजनाएँ और प्रगति साझा कीं। इन स्टार्टअप्स ने विविध क्षेत्रों में AI के व्यावहारिक उपयोग के उदाहरण दिखाए, जैसे कि बहुभाषी AI मॉडल, हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स, इंजीनियरिंग सिमुलेशन, जेनरेटिव AI कंटेंट आदि।

प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाज में व्यापक बदलाव लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, खासकर जब इसका उपयोग सही दिशा में और नैतिक मानकों के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि India AI Impact Summit 2026 इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भारत को वैश्विक तकनीकी मंच पर एक अग्रणी भूमिका देगा।

मोदी ने यह भी कहा कि स्टार्टअप्स और AI उद्यमी भारत के भविष्य के सह-निर्माता हैं। उन्होंने AI मॉडल्स को “Made in India, Made for the World” के सिद्धांत पर विकसित करने का आह्वान किया, जो न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करेंगे बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा भी कर सकेंगे। इसके अलावा उन्होंने यह स्पष्ट किया कि AI मॉडल नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी और डेटा गोपनीयता के मानकों पर आधारित होने चाहिए।

बैठक में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जो यह संकेत देता है कि सरकार AI को राजनीतिक प्राथमिकता और राष्ट्रीय विकास के महत्वपूर्ण इंजन के रूप में देख रही है।


📌 निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी की यह बैठक सिर्फ तकनीकी चर्चा नहीं थी — यह भारत की AI रणनीति और भविष्य की दिशा को स्पष्ट करती है। बैठक ने दिखाया कि सरकार और स्टार्टअप समुदाय मिलकर ऐसे AI समाधान बना रहे हैं जो समाज, अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बदलाव ला सकते हैं। यदि यह रणनीति सफल होती है, तो भारत विश्व AI हब के रूप में उभर सकता है, जहां नवाचार और नैतिक तकनीकी विकास एक साथ चलते हैं।

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