Quick Highlights
- यूपीआई (Unified Payments Interface) में क्रेडिट लाइन के लिए ब्याज-मुक्त अवधि देने की योजना बनाई जा रही है।
- यह फीचर क्रेडिट कार्ड की तरह काम करेगा — अगर तय समय के भीतर लोन चुका दिया गया तो कोई ब्याज नहीं लगेगा।
- छोटी रकम के तुरंत खर्चों के लिए UPI उधार प्राप्त करना आसान हो सकता है।
🧠 360 विश्लेषण
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भारत का सबसे लोकप्रिय डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म है, जिससे करोड़ों लोग प्रतिदिन बैंक से बैंक तक पैसे भेजते-पाते हैं। लेकिन अब UPI सिर्फ भुगतान का जरिया नहीं रहकर एक छोटे उधार (क्रेडिट) प्लेटफॉर्म बनने की राह पर है।
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और बैंकों की बातचीत में एक बड़ा बदलाव प्रस्तावित है — वो है UPI पर दी जाने वाली क्रेडिट लाइन में क्रेडिट कार्ड जैसा ब्याज-मुक्त अवधि (interest-free period) देना। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर कोई यूजर UPI के ज़रिए ₹2,000-₹5,000 या उससे थोड़ी अधिक राशि उधार लेता है, तो उसे वही रकम खर्च कर एक तय समय तक कोई ब्याज नहीं देना होगा — जैसे क्रेडिट कार्ड में होता है।
वर्तमान में UPI क्रेडिट लाइन की सबसे बड़ी समस्या यह रही है कि जैसे ही आप उधार राशि का उपयोग करते हैं, उसी दिन से ब्याज लगना शुरू हो जाता है, जिससे यह सुविधा कई लोगों के लिए आकर्षक नहीं रह पाती थी। नए बदलाव के बाद ब्याज तभी लगेगा जब टाइम-लाइन के बाद भुगतान न किया गया हो, जिससे छोटी जरूरतों और आकस्मिक खर्चों के लिए UPI क्रेडिट एक वास्तविक विकल्प बन सकता है।
ये फीचर खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जिनके पास परंपरागत क्रेडिट कार्ड नहीं है या जिनका क्रेडिट स्कोर कार्ड के लिए पर्याप्त नहीं है; ऐसे में बिना डाक्यूमेंटेशन और जल्दी से लोन मिलना आसान रहेगा।
कुछ बैंकों ने पहले से ही 30-45 दिनों की ब्याज-मुक्त अवधि वाली क्रेडिट सुविधाएं पेश की हैं, जो यह संकेत देती हैं कि यह बदलाव जल्द ही आम जनता के लिए रोलआउट हो सकता है।
📌 निष्कर्ष
अगर यह बदलाव लागू हो जाता है, तो UPI सिर्फ पेमेंट टूल नहीं, बल्कि छोटे उधार लेने का स्मार्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बन जाएगा। इससे न केवल छोटी रकम के खर्चों में राहत मिलेगी, बल्कि उन लोगों को भी क्रेडिट तक आसान पहुँच मिलेगा जिनके पास अब तक क्रेडिट कार्ड या बैंक लोन लेने की अनुमति नहीं थी।

