Quick Highlights
- इंदौर एयरपोर्ट के रनवे की रिपेयरिंग पर लगभग 21 करोड़ रुपये खर्च
- काम फरवरी 2025 से शुरू, अब तक करीब 3 महीने से जारी
- गर्मी के कारण रनवे पर बिछाया गया डामर ढीला पड़ रहा है
- एक दिन करीब 20 मिनट के लिए उड़ानों का संचालन रोकना पड़ा
- दिल्ली और रायपुर से आने वाली दो फ्लाइट भोपाल डायवर्ट करनी पड़ी
360 विश्लेषण
इंदौर के देवी अहिल्या बाई होल्कर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रनवे की रिकरपेटिंग और मरम्मत का काम पिछले कई महीनों से जारी है। लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य रनवे को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाना है। हालांकि, मार्च में अचानक बढ़ी गर्मी ने इस काम की गति को प्रभावित कर दिया है।
एयरपोर्ट पर एक ही रनवे होने के कारण मरम्मत का काम उड़ानों को जारी रखते हुए करना पड़ रहा है। इसी वजह से यह काम केवल रात के समय किया जाता है। रोजाना रात करीब 10:30 बजे से सुबह 6:30 बजे तक रनवे पर रिपेयरिंग और रिकरपेटिंग का कार्य किया जाता है, ताकि दिन में उड़ानों का संचालन सामान्य रूप से जारी रह सके।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना की शुरुआत फरवरी 2025 में हुई थी और पहले इसे दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन तकनीकी प्रक्रियाओं, सीमित समय और मौसम की बाधाओं के कारण काम की गति अपेक्षा से धीमी हो गई। अब इसे अप्रैल तक पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार रनवे सुधार के लिए पुरानी सतह हटाकर नई बिटुमिनस परत बिछाई जा रही है। लेकिन मार्च में बढ़ती गर्मी के कारण यह डामर पूरी तरह सूखने में ज्यादा समय ले रहा है और कई बार ढीला पड़ जाता है। इसी समस्या के कारण हाल ही में दिन के समय लगभग 20 मिनट के लिए उड़ानों का संचालन रोकना पड़ा।
उस दौरान दिल्ली और रायपुर से आने वाली दो उड़ानों को भोपाल एयरपोर्ट डायवर्ट करना पड़ा। हालांकि इंजीनियरों ने तुरंत स्थिति संभालते हुए आवश्यक सुधार किया और जल्द ही उड़ानों का संचालन फिर से शुरू कर दिया।
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार हर रात रनवे पर लगभग आठ घंटे का समय काम के लिए मिलता है। इसमें से दो से तीन घंटे मशीनरी की आवाजाही और तैयारी में ही लग जाते हैं। पुराने डामर को हटाना, नई परत बिछाना और तकनीकी जांच जैसे कई चरणों में समय लगता है।
अधिकारियों का कहना है कि सुबह करीब 6 बजे तक रनवे पूरी तरह उड़ानों के लिए तैयार कर दिया जाता है, क्योंकि पहली फ्लाइट करीब 6:35 बजे से शुरू हो जाती है। सुरक्षा मानकों के तहत हर घंटे रनवे की तकनीकी जांच भी की जाती है ताकि किसी भी प्रकार का जोखिम न रहे।
निष्कर्ष
इंदौर एयरपोर्ट के रनवे सुधार का काम महत्वपूर्ण सुरक्षा परियोजना है, लेकिन बढ़ती गर्मी और सीमित समय के कारण इसकी गति प्रभावित हो रही है। फिर भी एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए काम जारी है और जल्द ही इसे पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

