इंदौर: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर एक बार फिर से नशे के कारोबार को लेकर सुर्खियों में है। शहर की द्वारकापुरी थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने रविवार देर शाम एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया, जो लंबे समय से ब्राउनशुगर जैसे खतरनाक नशे का अवैध कारोबार चला रही थी। पुलिस को उसके घर से करीब 500 ग्राम ब्राउनशुगर और कोठियों से 48 लाख रुपए से ज्यादा नकद बरामद हुए।
कार्रवाई का घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि द्वारकापुरी क्षेत्र में रहने वाली एक महिला बड़े स्तर पर नशे का धंधा करती है। यह महिला न सिर्फ स्थानीय स्तर पर, बल्कि आसपास के जिलों में भी ब्राउनशुगर सप्लाई करती थी। लगातार निगरानी और मुखबिर की मदद से जब पुख्ता जानकारी मिली, तो पुलिस ने छापेमारी की योजना बनाई।
रविवार की शाम पुलिस की एक टीम आरोपी के घर पहुँची। शुरुआत में आरोपी और उसके परिवार ने दरवाजा खोलने से इनकार किया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। जब पुलिस ने दबाव बनाया तो दरवाजा खोला गया। इसके बाद घर की तलाशी ली गई, जिसमें पुलिस को 500 ग्राम ब्राउनशुगर के पैकेट बरामद हुए।
परिजनों से झड़प
कार्रवाई के दौरान स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई, जब आरोपी के परिजनों ने पुलिस दल से हाथापाई करने की कोशिश की। कई बार ऐसा लगा कि मामला बेकाबू हो जाएगा, लेकिन मौके पर अतिरिक्त फोर्स बुलाकर स्थिति को काबू में लिया गया। पुलिस ने परिवार के कुछ सदस्यों को भी हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है।
48 लाख से ज्यादा नकद जब्त
छापे के दौरान पुलिस ने घर की कोठियों और अलमारी से 48 लाख रुपए से अधिक नकद भी बरामद किए। शक है कि यह रकम नशे की बिक्री से जुड़ी हुई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर पैसा और नशे का माल कैसे और कहाँ से आता था।
महिला अपराधियों की नई चुनौती
नशे के कारोबार में महिलाओं की संलिप्तता पुलिस और समाज दोनों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। आमतौर पर नशे के नेटवर्क में पुरुषों की भागीदारी ज्यादा सामने आती है, लेकिन इंदौर की इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि महिला तस्कर भी अब बड़े स्तर पर सक्रिय हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला होने का फायदा उठाकर आरोपी लंबे समय तक शक से बचती रही।
इंदौर और नशे का फैलता जाल
इंदौर, जो अपनी स्वच्छता और विकास के लिए पूरे देश में मशहूर है, बीते कुछ सालों से नशे के कारोबार की वजह से भी चर्चा में रहने लगा है। कई बार यहाँ बड़े-बड़े गिरोह पकड़े गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शहर की बड़ी आबादी, युवाओं में नशे की बढ़ती लत और बाहरी राज्यों से आसान कनेक्टिविटी की वजह से यहाँ ड्रग माफिया सक्रिय रहते हैं।
पुलिस की अगली कार्रवाई
फिलहाल आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस महिला का कनेक्शन किन-किन सप्लायर और नेटवर्क से है। इसके अलावा जब्त किए गए पैसों के लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक महिला की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके जरिए एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। कई नाम अभी सामने आने बाकी हैं और पुलिस टीम लगातार छानबीन कर रही है।
समाज के लिए संदेश
यह घटना समाज के लिए भी एक बड़ा सबक है। जिस तरह से नशे का कारोबार घरों और बस्तियों तक पहुँच रहा है, वह बेहद खतरनाक है। खासकर युवाओं में ब्राउनशुगर जैसी चीज़ों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, जिससे न सिर्फ स्वास्थ्य बल्कि भविष्य भी बर्बाद हो रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समाज के लोगों को भी जागरूक होना होगा और अगर कहीं भी नशे के कारोबार की भनक लगे, तो तुरंत पुलिस को सूचना देना चाहिए।

निष्कर्ष
इंदौर की इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नशे का कारोबार कितना गहराई तक फैला हुआ है। एक महिला तस्कर के पास से आधा किलो ब्राउनशुगर और 48 लाख रुपए नकद बरामद होना इस बात का सबूत है कि यह खेल छोटा नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर चल रहा है। पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय जरूर है, लेकिन समाज से नशे की जड़ें उखाड़ने के लिए अभी लंबी लड़ाई बाकी है।

