Quick Highlights

  • AICTSL ने किया बड़ा ऐलान, डबल-डेकर इलेक्ट्रिक बसें जल्द आएंगी इंदौर में।
  • गणेश उत्सव पर टेंडर, दिवाली तक शहरवासी कर पाएंगे हाई-टेक बसों में सफर।
  • मुंबई से लाई गई ट्रायल बस पहले ही पास हो चुकी है टेस्ट।
  • 7 चौड़े और प्रमुख रूट चिन्हित, भीड़भाड़ वाली गलियों से बचाया जाएगा।
  • स्विच मोबिलिटी की EiV22 मॉडल बसें, पूरी तरह इलेक्ट्रिक और लग्जरी सुविधाओं से लैस।
  • लगभग ₹2 करोड़ कीमत प्रति बस, 1.5 से 3 घंटे में फुल चार्जिंग।

इंदौर को मिलेगी नई पहचान

स्वच्छता में लगातार देश का नंबर वन खिताब अपने नाम करने वाला इंदौर अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम करने जा रहा है। शहर की सड़कों पर जल्द ही डबल-डेकर इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। इन हाईटेक बसों के आने से न सिर्फ शहर की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था आधुनिक होगी बल्कि पर्यावरण-अनुकूल सफर भी सुनिश्चित होगा।

AICTSL (Atal Indore City Transport Services Ltd.) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि गणेश उत्सव के समय इन बसों का टेंडर जारी किया जाएगा और दिवाली तक शहरवासी इनका आनंद ले पाएंगे।


मुंबई से आई थी पहली बस, हुआ सफल ट्रायल

करीब दस महीने पहले मुंबई से एक डबल-डेकर इलेक्ट्रिक बस इंदौर मंगाई गई थी। इस बस को शहर की सड़कों पर चलाकर उसका ट्रायल किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। यात्रियों ने भी इस अनुभव को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

हालांकि, ट्रायल सफल होने के बावजूद निजी बस ऑपरेटरों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। दो बार टेंडर जारी हुए, मगर किसी कंपनी ने इन बसों को खरीदने और चलाने का जोखिम नहीं उठाया। आखिरकार 20 दिन पहले AICTSL की बोर्ड बैठक में फैसला लिया गया कि अब कंपनी खुद बसें खरीदेगी और बाद में इन्हें निजी ऑपरेटरों को संचालन के लिए सौंप देगी।


किन रूटों पर दौड़ेंगी डबल-डेकर बसें?

AICTSL ने सात प्रमुख रूट चिन्हित किए हैं, जहाँ डबल-डेकर बसें चलाई जाएंगी। इन मार्गों का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यहाँ सड़कें चौड़ी हैं और बिजली के तार, ट्रैफिक सिग्नल जैसी बाधाएँ कम हैं।

इन बसों को भीड़भाड़ वाली गलियों या तंग रास्तों पर नहीं ले जाया जाएगा। शुरुआत में इन्हें शहर के मुख्य दर्शनीय स्थलों और बड़े मार्गों तक सीमित रखा जाएगा, ताकि यात्रियों को आरामदायक सफर और बेहतर दृश्य अनुभव मिल सके।


कैसी होंगी ये बसें?

इन डबल-डेकर इलेक्ट्रिक बसों का मॉडल Switch Mobility EiV22 होगा। ये बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक और लग्जरी सुविधाओं से लैस होंगी।

  • लंबाई: 9 मीटर
  • ऊँचाई: 15 फीट
  • कुल सीटें: 65 (ऊपरी डेक – 36, निचला डेक – 29)
  • स्टैंडिंग पैसेंजर्स: 25 हैंडल्स की सुविधा
  • तकनीक: एयर सस्पेंशन, जिससे झटके महसूस नहीं होंगे
  • कीमत: लगभग ₹2 करोड़ प्रति बस
  • चार्जिंग टाइम: 1.5 से 3 घंटे
  • रेंज: एक बार चार्ज होने पर लंबी दूरी तय करने में सक्षम (ट्रायल में करीब 160–200 किमी तक की क्षमता साबित हुई)।

इन बसों के ऊपरी डेक से यात्रियों को सफर के दौरान शहर का नजारा देखने का अलग ही अनुभव मिलेगा।


यात्रियों के लिए फायदे

  1. पर्यावरण हितैषी: यह बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी, जिससे प्रदूषण नहीं होगा।
  2. आधुनिक सुविधाएँ: एयर सस्पेंशन और लग्जरी इंटीरियर से सफर आरामदायक होगा।
  3. अधिक क्षमता: डबल-डेकर डिज़ाइन होने से अधिक यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे।
  4. पर्यटन को बढ़ावा: ऊपरी डेक से शहर के दर्शनीय स्थल देखने का अनुभव टूरिस्ट्स के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
  5. इंदौर की नई पहचान: स्वच्छता के साथ अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी इंदौर का नाम आगे आएगा।

आर्थिक पहलू और चुनौतियाँ

इन बसों की कीमत करीब दो करोड़ रुपए होगी। हालांकि शुरुआती निवेश बड़ा है, लेकिन लंबे समय में यह फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन खर्च डीज़ल या सीएनजी बसों से कम होता है।

चुनौती बस यही रहेगी कि इनकी चार्जिंग के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाए और यात्रियों को समय पर सेवा मिलती रहे।


निष्कर्ष

इंदौर पहले ही स्वच्छता में अपनी अलग पहचान बना चुका है और अब डबल-डेकर इलेक्ट्रिक बसों के साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी एक नए आयाम पर ले जाने जा रहा है। गणेश उत्सव से लेकर दिवाली तक शहरवासी इस नई सुविधा का लाभ ले पाएंगे।

यह कदम न केवल शहर की आधुनिक छवि को मजबूत करेगा बल्कि ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में भी एक बड़ा योगदान होगा। इंदौर के लोगों के लिए यह गर्व की बात है कि अब उनका शहर मुंबई और लंदन जैसे महानगरों की कतार में खड़ा नजर आएगा।

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