🔴 इंदौर कलेक्टर कार्यालय पर गूंजा श्रमिकों और ऑटो रिक्शा चालकों का स्वर
वर्कर्स यूनियन का प्रदर्शन, भगवा ऑटो रिक्शा चालक संघ ने भी उठाई अहम मांग
इंदौर में आज कलेक्टर कार्यालय परिसर उस समय चर्चा का केंद्र बन गया जब विभिन्न वर्कर्स यूनियनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने श्रमिक अधिकारों, रोजगार सुरक्षा और नीतिगत बदलावों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
🔎 क्या हैं मुख्य मांगें?
वर्कर्स यूनियन का कहना है कि श्रमिकों से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। उनका आरोप है कि नीतिगत बदलावों और नई व्यवस्थाओं के कारण कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा है। यूनियन ने सरकार से श्रमिक हितों की रक्षा और सुविधाओं में सुधार की मांग की।
🛺 भगवा ऑटो रिक्शा चालक संघ भी शामिल
इस प्रदर्शन में भगवा ऑटो रिक्शा चालक संघ, इंदौर ने भी सक्रिय भागीदारी की। संघ ने अपनी अलग लेकिन महत्वपूर्ण मांग रखते हुए कहा कि ऑटो रिक्शा परमिट की वर्तमान क्षेत्र सीमा (एरिया लिमिट) अब शहर के विस्तार के अनुरूप नहीं है।
👇देखिए विडिओ 👇
संघ का कहना है कि:
- इंदौर शहर तेजी से विस्तार कर रहा है
- नए कॉलोनियों और बाहरी क्षेत्रों में यात्रियों की मांग बढ़ी है
- लेकिन परमिट सीमित क्षेत्र तक ही मान्य है
इस वजह से चालकों की आय पर सीधा असर पड़ रहा है। संघ ने प्रशासन से क्षेत्र सीमा बढ़ाने और परमिट नियमों में संशोधन की मांग की।
📌 360 निष्कर्ष
- श्रमिक संगठनों का फोकस व्यापक श्रमिक अधिकारों पर
- ऑटो चालक संघ का मुद्दा स्थानीय आजीविका से जुड़ा
- शहर के विस्तार और पुरानी परमिट व्यवस्था के बीच टकराव
अब देखना होगा कि प्रशासन इन मांगों पर क्या निर्णय लेता है।

