🔴 Quick Highlights

  • इंदौर के पंचकुइया मुक्तिधाम में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया।
  • प्रबंधन ने एक ही टोकन नंबर तीन अलग-अलग परिवारों को दे दिया
  • इससे अंतिम संस्कार के बाद अस्थियां आपस में बदल गईं
  • परिवारों को बाद में पता चला कि उन्हें गलत अस्थियां दी गईं।
  • घटना के बाद मुक्तिधाम प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।

🧠 360 विश्लेषण

इंदौर के मल्हारगंज क्षेत्र स्थित पंचकुइया मुक्तिधाम में एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान ऐसी बड़ी प्रशासनिक गलती हुई कि तीन अलग-अलग परिवारों को एक ही टोकन नंबर जारी कर दिया गया, जिससे मृतकों की राख आपस में बदल गई।

दरअसल इंदौर के गुरुशंकर नगर के रहने वाले मदनलाल विश्वकर्मा का 6 मार्च को अंतिम संस्कार पंचकुइया मुक्तिधाम में किया गया था। वही जब शनिवार को जब उनके परिजन अस्थियां लेने पहुंचे, तो वहां उनकी अस्थियां नहीं मिलीं। जिसके बाद जांच करने पर पता चला कि मुक्तिधाम प्रबंधन ने टोकन नंबर 13 तीन अलग-अलग परिवारों को जारी कर दिया था, जिससे भारी गफलत हो गई। जिसमें मदनलाल विश्वकर्मा के बेटे और अन्य परिजनों ने रजिस्टर में दर्ज जानकारी के आधार पर उस परिवार से संपर्क किया जो अस्थियां लेकर गया था। दी गई गलत अस्थियां लेकर वह परिवार खेड़ीघाट स्थित नर्मदा तट पर विसर्जन के लिए पहुंच गया था। हालांकि अस्थि विसर्जन से पहले ही उनसे संपर्क हो गया, जिसके बाद वह परिवार बिना विसर्जन किए इंदौर के लिए वापस रवाना हो गया। 

यह घटना इसलिए भी संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन धार्मिक आस्था और भावनाओं से जुड़ा विषय है। ऐसे में इस तरह की गलती से परिवारों को मानसिक रूप से गहरा आघात लगा।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मांग की कि मुक्तिधाम में टोकन व्यवस्था और रिकॉर्ड सिस्टम को बेहतर बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

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