Quick Highlights
- मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बड़ा फैसला
- ईरान ने दो भारतीय LPG टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी
- दोनों टैंकर भारत के लिए गैस लेकर आ रहे हैं
- एक टैंकर शिवालिक स्ट्रेट पार कर चुका, दूसरा नंदा देवी भी आगे बढ़ रहा
- यह रास्ता दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण
360 विश्लेषण
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने दो भारतीय LPG टैंकरों को रणनीतिक रूप से बेहद अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण कई जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये दोनों टैंकर भारत के लिए तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर आ रहे हैं। इन टैंकरों के नाम शिवालिक और नंदादेवी बताए जा रहे हैं, जो भारत की सरकारी शिपिंग कंपनी से जुड़े हैं। इनमें से एक टैंकर पहले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुका है, जबकि दूसरा भी इस मार्ग से गुजरने की प्रक्रिया में है।
दरअसल, हाल ही में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इसके जवाब में ईरान ने कई जहाजों की आवाजाही पर रोक जैसी स्थिति बना दी थी, जिससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचता है। अनुमान है कि वैश्विक समुद्री तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी स्ट्रेट से गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।
भारत के लिए यह मार्ग और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी बड़ी ऊर्जा जरूरतों के लिए मध्य-पूर्व पर निर्भर है। ऐसे में इन टैंकरों को अनुमति मिलने से भारत की गैस सप्लाई को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार भारत और ईरान के बीच हाल ही में उच्च स्तर पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें समुद्री मार्गों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चर्चा की गई थी। इसके बाद ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने का संकेत सामने आया।
निष्कर्ष
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद ईरान द्वारा भारतीय LPG टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति देना भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे न केवल ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता बनी रहेगी, बल्कि भारत-ईरान संबंधों की रणनीतिक अहमियत भी सामने आती है।

